KABIR SAHEB

अमर लोक से हम चलि आए
आए जगत मंझारा हो
सही छाप परवाना लाए
समरथ के कड़िहारा हो
जीव दुखी देखा भवसागर
ता कारण पग धारा हो

जयेष्ठ पूर्णिमा सत्यपुरुष सद्गुरु कबीर साहेब के प्रगट दिवस पर साहब के चरण कमल में अनन्त कोटि बन्दगी साहेब.. साहेब बन्दगी साहे

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